बजट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने कर दिया कमाल

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Photo:AP

औद्योगिक उत्पादन ने 1 महीने बाद फिर पकड़ी रफ्तार, दिसंबर में दर्ज की गई वृद्धि

नई दिल्ली: देश के औद्योगिक उत्पादन में दिसंबर में एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन है। एक महीने बाद देश का औद्योगिक उत्पादन सकारात्मक वृद्धि की राह पर लौटा है। दिसंबर 2019 में औद्योगिक उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में दिसंबर 2020 में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। खनन उत्पादन में आलोच्य महीने में 4.8 प्रतिशत की गिरावट आयी, जबकि बिजली उत्पादन में दिसंबर 2020 में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल मार्च से औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ा। मार्च में आईआईपी में 18.7 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। इसके बाद अगस्त 2020 तक औद्योगिक उत्पादन में लगातार गिरावट आयी। सितंबर में आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के साथ, कारखाने के उत्पादन में एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। अक्टूबर में आईआईपी 4.2 फीसदी बढ़ा था।

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नवंबर 2020 में, कारखाने के उत्पादन में 2.1 प्रतिशत की गिरावट आयी थी, जो 1.9 प्रतिशत गिरावट के शुरुआती अनुमान से अधिक था। सरकार ने 25 मार्च 2020 को कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये लॉकडाउन लागू किया था। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नवंबर में जारी एक बयान में कहा था कि पाबंदियों से क्रमिक छूट के साथ, आर्थिक गतिविधियों में अलग-अलग स्तरों पर सुधार हुआ तथा जानकारियां जमा करने की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। 

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मंत्रालय ने यह भी कहा था कि महामारी के दौरान के महीनों के आईआईपी आंकड़े की तुलना बाद के महीनों से करना उचित नहीं हो सकता है। दिसंबर 2019 में विनिर्माण क्षेत्र में 0.3 प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया गया था। इस दौरान खनन क्षेत्र के उत्पादन में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, लेकिन बिजली उत्पादन 0.1 प्रतिशत बढ़ गया था। पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन दिसंबर 2020 में 18.3 प्रतिशत के संकुचन के मुकाबले 0.6 प्रतिशत बढ़ गया। टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन साल भर पहले की 5.6 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में दिसंबर 2020 में 4.9 प्रतिशत बढ़ा। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन दो प्रतिशत बढ़ा, जिसमें साल भर पहले 3.2 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। 

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आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर की अवधि में आईआईपी में 13.5 फीसदी की कमी आयी है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसमें 0.3 प्रतिशत की हल्की वृद्धि दर्ज की गयी थी। एमकी वेल्थ मैनेजमेंट के अनुसंधान प्रभाग के प्रमुख डा जोसफ थामस ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन के दिसंबर2020 के आंकड़े ‘आर्थिक गतिविधियों में मोटे तौर पर सुधार का संकेत देते हैं।’ उन्होंने कहा कि टिकाऊ और गैर टिकाऊ उपभोक्ता सामानों के उत्पादन में सुधार के साथ साथ पूंजीगत सामान उद्योग में सुधार महत्वपूर्ण है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अभी एक दो महीनों के आईआईपी से आगे के बारे में कोई पक्का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। 

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