5G की राह आसान: 5G का ट्रायल अगले 2 -3 महीनों में, जियो और एयरटेल सबसे पहले लॉन्च कर सकते हैं सेवा

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नई दिल्ली6 घंटे पहले

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टेलीकॉम विभाग (DoT) को 5G फील्ड ट्रायल के लिए 16 आवेदन मिले हैं। अगले दो-तीन महीने में 5G टेक्नोलॉजी का ट्रायल शुरू हो सकता है। टेलीकॉम विभाग ने संसद की स्थायी समिति को यह जानकारी दी है। साथ ही बताया कि ट्रायल में स्वदेशी और इम्पोर्टेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।

टेलीकॉम विभाग का यह बयान तब सामने आया जब संसद की स्थायी समिति की सोमवार को पेश रिपोर्ट में 5G सेवा शुरू होने में देरी के लिए टेलीकॉम विभाग की खिंचाई की। इसमें कहा गया है कि कई देशों में 5G नेटवर्क पर आधारित सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। भारत में देरी क्यों हो रही है।

समिति ने पूछा था कि 5G ट्रायल के लिए अब तक स्पेक्ट्रम की अनुमति क्यों नहीं दी गई है। टेलीकॉम विभाग ने जब यह कहा है कि देश में ट्रायल शुरू होने में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है तो अब तक इसकी शुरुआत क्यों नहीं हो पाई है। रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रायल में देरी होने से देश में 5G सर्विस शुरू होने में और देरी होगी।

5G सर्विस शुरू होने में देरी हो सकती है- संसद की स्थायी समिति
तैयारी में कमी, स्पेक्ट्रम से संबंधित मसले, यूज केस डेवलपमेंट की कमी, 5G सर्विसेस के लिए स्पेक्ट्रम की बिक्री को लेकर अनिश्चितता जैसी समस्याओं के चलते देश में 5G सेवाओं की शुरुआत में विलंब हो सकता है।

आईटी मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने अपने अध्ययन ने यह पाया कि देश में रेडियो वेव्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। समिति के मुताबिक यह ऐसे कारण हैं जिनसे 5G सेवा शुरू होने में देरी हो सकती है।

1 मार्च को होनी है स्पेक्ट्रम की नीलामी
दूरसंचार मंत्रालय ने 1 मार्च 2021 से स्पेक्ट्रम नीलामी की घोषणा कर रखी है। इसमें 3.92 लाख करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी। इसमें 5G सर्विसेस के लिए अपेक्षित बैंड के स्पेक्ट्रम शामिल नहीं हैं। शुरुआत में यह कुछ खास मकसद के लिए ही होगी। भारत में 4G सर्विसेस के विस्तार में भी 5-6 साल लग गए थे। समिति के अध्यक्ष सांसद शशि थरूर हैं।

2021 की दूसरी छमाही तक लॉन्च करेंगे 5G- मुकेश अंबानी
इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि रिलायंस जियो 2021 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में 5G लॉन्च करने की योजना बना रही है। उन्होंने आगे कहा था कि देश में डिजिटल लीड को बनाए रखने, 5G की शुरुआत करने और इससे सस्ता और सभी जगह उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। जियो 2021 की दूसरी छमाही में भारत में 5G क्रांति का नेतृत्व करेगा। यह स्वदेशी-विकसित नेटवर्क होगा, हार्डवेयर और टेक्नोलॉजी कंपोनेंट द्वारा संचालित किया जाएगा।”

5G टेक्नोलॉजी को भारत आने में लगेंगे 2-3 साल- सुनील मित्तल
दूसरी तरफ, इंडिया मोबाइल कांग्रेस को ही संबोधित करते हुए भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल ने कहा कि मोबाइल इंटरनेट की दुनिया में अगली पीढ़ी के 5G टेक्नोलॉजी के आने में अभी दो-तीन साल लग जाएंगे। जब दुनिया भर में 5G आम हो जाएगा तो इक्विपमेंट की कीमतें कम हो जाएंगी और इसके डिवाइस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगे।

अमेरिका में 5G की सफल टेस्टिंग कर चुकी है रिलायंस जियो
अमेरिकी टेक्नोलॉजी फर्म क्वालकॉम के साथ मिलकर रिलायंस जियो, अमेरिका में अपनी 5G टेक्नोलॉजी का सफल परीक्षण कर चुकी है। रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमान ने क्वालकॉम इवेंट में कहा कि क्वालकॉम और रिलायंस की सब्सिडियरी कंपनी रेडिसिस के साथ मिलकर हम 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि भारत में इसे जल्द लॉन्च किया जा सके। अभी दुनियाभर में अमेरिका, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड और जर्मनी जैसे देशों के 5G ग्राहकों को 1Gbps इंटरनेट स्पीड की सुविधा मिल रही है।

इन देशों में मिल रही 5G सर्विस
दक्षिण कोरिया, चीन और यूनाइटेड स्टेट्स में सबसे पहले 5G सर्विस की शुरुआत हुई थी। भारत में भले ही अभी 5G की टेस्टिंग शुरू होने की तैयारी हो रही हो, लेकिन ये सर्विस दुनियाभर के 68 देशों या उनकी सीमा पर शुरू हो चुकी है। इसमें श्रीलंका, ओमान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड जैसे कई छोटे देश भी शामिल हैं।



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